एक नजर में राजेश उत्‍साही

जब भी मुस्कराया है कोई देखकर मुझको अपनी शख्सियत का मैंने नया मायना देखा।                     *राजेश उत्साही

जन्म : 13 नवम्बर, 1958, मिसरोद,भोपाल,मप्र
शिक्षा :
  • राजनीतिशास्त्र, समाजशास्त्र तथा हिंदी साहित्य में स्नातक (बीए) 1982
  • उसके पहले पांच साल तक जन्‍तुविज्ञान,वनस्‍पतिविज्ञान और रसायनविज्ञान पढ़ता रहा बीएससी करने के लिए। लेकिन अंतिम वर्ष में जाकर कैमिस्‍ट्री ने धोखा दे दिया। यानी बीएससी फेल भी हूं। 
  • समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एमए) (सागर विश्वविद्यालय,सागर से) 1984
अनुभव :
मप्र की अग्रणी शैक्षिक संस्था एकलव्य में जुलाई, 1982 से फरवरी, 2008 तक कार्यरत।

संपादन अनुभव : एकलव्य में
  • नेहरू युवक केंद्र, (भारत शासन) होशंगाबाद, मप्र द्वारा ग्रामीण युवकों के लिए प्रकाशित सायक्लोस्टाइल पत्रिका 'दिशा' का संपादन (1979 से 1982)।
  • एकलव्य द्वारा होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत माध्यमिक शाला शिक्षकों के लिए प्रकाशित पत्रिका 'होशंगाबाद विज्ञान बुलेटिन' में 1982 से 1985 तक सह-संपादक।
  • एकलव्य द्वारा प्रकाशित मासिक बालविज्ञान पत्रिका 'चकमक' में प्रवेशांक जुलाई, 1985 से 1995 तक सह-संपादक, 1996 से 2002 तक कार्यकारी संपादक ।
  • एकलव्य द्वारा प्रकाशित 'क्यों और कैसे' विज्ञान दीवार पत्रिका के हिंदी संस्करण के बारह अंकों का संपादन (2007)।
  • एकलव्य द्वारा संचालित विज्ञान एवं तकनॉलॉजी फीचर सर्विस 'स्रोत' में प्रबंध संपादक।
  • एकलव्य द्वारा प्रकाशित द्विमासिक शैक्षणिक पत्रिका 'शैक्षणिक संदर्भ’ में संपादन सहयोग।
  • एकलव्य में बच्चों के लिए तैयार किए गए 50 से अधिक प्रकाशनों में सामग्री चयन, संपादन, विजुलाइजेशन, डिजाइन तथा छपाई के विभिन्न पहलुओं पर सक्रिय योगदान।

संपादन अनुभव : बाकी दुनिया में
  • राज्य शिक्षा केंद्र, शिक्षा विभाग, मप्र शासन द्वारा प्रकाशित बालपत्रिका 'गुल्लक' की कल्‍पना की एवं प्रवेशांक से छह अंकों का संपादन (सितम्बर,2007 से फरवरी,2008)।
  • मप्र राज्य शिक्षक प्रशिक्षण मंडल,शिक्षा विभाग,मप्र द्वारा प्रकाशित पत्रिका शैक्षिक 'पलाश' के सात अंकों का संपादन (अप्रैल,2006 से फरवरी,2007)।
  • नालंदा,लखनऊ की त्रैमासिक पत्रिका 'आरम्भ' शैक्षिक संवाद के चार अंकों का अतिथि संपादन।
  • 2000 में नालंदा, लखनऊ; यूनीसेफ, उप्र तथा नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा लखनऊ में बच्चों के लिए पूरक सामग्री निमार्ण हेतु आयोजित कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में सम्मिलित व्यक्ति बच्चों के लिए लेखन करने वाले तथा चित्रकार।
  • 2002 में नालंदा, लखनऊ तथा यूनीसेफ, उप्र द्वारा ललितपुर, उप्र में आयोजित बच्चों के लिए पूरक सामग्री निमार्ण कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में सम्मिलित व्यक्ति प्राथमिक शाला के शिक्षक। कार्यशाला में तैयार सामग्री से तीन चित्रकथा पुस्तकों का विकास, संपादन तथा विजुलाइजेशन एवं भोपाल में चित्रकार से उनकी कैमरा रेडी कॉपी तैयार करवाई। किताबें नालंदा एवं यूनीसेफ,उप्र द्वारा प्रकाशित - साइकिल बिट्टी की, ट्टिडे को मिला दोस्त तथा धप्पा ।
  • 2005-2006 में नालंदा, लखनऊ तथा यूनीसेफ, उप्र द्वारा आयोजित बच्चों के लिए पूरक सामग्री निमार्ण कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में तैयार कहानियों में से चुनी हुई 12 कहानियों से चित्रकथा पुस्तक बनाने के लिए उनका विकास, संपादन तथा विजुलाइजेशन किया। साथ ही चित्रकारों के साथ बैठकर उनके चित्र एवं कैमरा रेडी कॉपी तैयार करवाई। प्रकाशन के लिए यूनीसेफ, उप्र के पास ।
  • 2008-2009 में नालंदा, रांची द्वारा चुनी गई 12 लोककथाओं का पुनर्लेखन,संपादन तथा विजुलाइजेशन। साथ ही चित्रकारों के साथ बैठकर उनके चित्र एवं कैमरा रेडी कॉपी तैयार करवाई। नालंदा द्वारा प्रकाशित।
  • 2007 में राज्य शिक्षा केंद्र, मप्र शासन तथा यूनीसेफ, मप्र द्वारा संयुक्त रूप से तैयार एवं प्रकाशित पुस्तकालय गतिविधियों की पुस्तिका 'किताबों की किताब' का लेखन एवं संपादन।
  • संकेत,भोपाल द्वारा मप्र सरकार के लिए तैयार एवं ऑक्सफोर्ड प्रेस, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित 'मप्र मानव विकास प्रतिवेदन 2007' के अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद एवं संपादन में सहयोग।
  • डॉ.मनोहर अगनानी की अंग्रेजी पुस्तक 'मिसिंग गर्ल्स' के हिंदी अनुवाद 'कहां खो गई बेटियां ' के संपादन में सहयोग। यह पुस्तक वाणी प्रकाशन से 2007 में प्रकाशित हुई है।
  • संकेत,भोपाल द्वारा गरीबी से संबंधित अध्ययन के लिए स्थापित किए जा रहे स्रोत केंद्र के लिए मप्र तथा छत्तीसगढ़ के 17 जिलों की जानकारी का संपादन तथा संक्षेपीकरण। (2008)
कार्यशालाओं में स्रोत व्यक्ति ( रिसोर्स परसन):
  • बच्चों के लिए पूरक सामग्री निमार्ण कार्यशाला :2006 में राज्य शिक्षा केंद्र,मप्र तथा यूनीसेफ, मप्र द्वारा संयुक्त रूप से पचमढ़ी में आयोजित बच्चों के लिए पूरक सामग्री निमार्ण कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में प्राथमिक शालाओं के शिक्षक सम्मिलित हुए ।
  • बच्चों में पुस्तकों के प्रति रूचि कैसे उत्पन्न करें :रूम टू रीड, नांदी फाउंडेशन तथा मप्र शिक्षा विभाग द्वारा श्योपुर,मप्र में आयोजित कार्यशाला ( 2007) में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला बच्चों में पुस्तकों के प्रति रूचि कैसे उत्पन्न करें विषय पर शिक्षकों के लिए आयोजित थी।
  • बच्चों के लिए पाठ्य चयन कार्यशाला :फरवरी 14 से 16, 2008 तक नालंदा, रांची द्वारा रांची में आयोजित बच्चों के लिए पाठ्य चयन कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में झारखंड की स्थानीय संस्थाओं के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
  • विज्ञान लेखन पत्रकारिता कार्यशाला : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्व विद्यालय, भोपाल एवं राष्ट्रीय विज्ञान एवं तकनॉलॉजी परिषद, दिल्ली (एनसीएसटीसी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित विज्ञान लेखन पत्रकारिता कार्यशालाओं में बच्चों के लिए विज्ञान लेखन हेतु स्रोत व्यक्ति। ये कार्यशालाएं 1994 से 1996 के मध्य रायपुर, जबलपुर, होशंगाबाद तथा भोपाल में आयोजित की गईं। इन कार्यशालाओं में विज्ञान लेखन मे रुचि रखने वाले पत्रकारों एवं अन्य युवाओं ने भाग लिया ।
  • महिलाओं के लिए विज्ञान लेखन कार्यशाला : भोपाल की एक स्थानीय संस्था ने 1995 में एनसीएसटीसी के सहयोग से महिलाओं के लिए विज्ञान लेखन पर एक कार्यशाला आयोजित की थी। इस कार्यशाला में भी स्रोत व्यक्ति के रूप में सम्मिलित।
  • पाठ्यसामग्री की समीक्षा कार्यशाला : प्राथमिक कक्षाओं के लिए नालंदा, लखनऊ द्वारा तैयार की गई हंसी-खुशी पाठ्यपुस्तकों की पाठ्य सामग्री की समीक्षा तथा संशोधन कार्यशाला में स्रोत व्यक्ति। कार्यशाला में झारखंड,उप्र की स्थानीय संस्थाओं के कार्यकर्ताओं तथा शिक्षकों ने भाग लिया। (फरवरी, 2009)
प्रतियोगिताओं में निर्णायक :
  • राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली(एनसीईआरटी) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य प्रतियोगिता में 1994 से 1998 के मध्य तीन बार हिंदी भाषा साहित्य के लिए निर्णायक।
  • 1998 के लिए मप्र साहित्य परिषद द्वारा दिए जाने वाले राज्य स्तरीय बालसाहित्य पुरस्कार के लिए निर्णायक।
अनुवाद, रूपांतरण, प्रूफरींडिग आदि :
  • तूलिका प्रकाशन,चैन्ने के लिए 'इस्मत की ईद' कहानी का अंग्रेजी से हिंदी रूपांतरण। तूलिका द्वारा 2007 में प्रकाशित।
  •  'नटखट गधा' कहानी का चित्रकथा रूपांतरण। एकलव्य द्वारा प्रकाशित।
  • मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी,भोपाल द्वारा आठ खंडों में प्रकाशित किए जाने वाले ग्रंथ 'भारत का इतिहास' के चार खंड, ' लोक संस्कृति की अवधारणा , विदिशा तथा कई अन्य पुस्तकों की प्रूफरीडिंग।
लेखन :
  • भोपाल के सांध्य दैनिक राज्यश्री में तीन माह तक दैनिक स्तम्भ 'कहे नागरिक खरी-खरी' का लेखन।
  • दैनिक राज्यश्री में एक वर्ष तक हिंदी फिल्मों पर आधारित साप्ताहिक फिल्म वर्ग पहेली का प्रकाशन।
  • दैनिक राज्यश्री में वर्ष 2000 से 2008 तक प्रतिदिन 'शब्द संसार' स्तम्भ में वर्ग पहेलियों के निमार्ण में पत्नी श्रीमती निर्मला वर्मा को सहयोग।
  • भोपाल से प्रकाशित होने वाली अग्रणी मासिक समाचार पत्रिका 'शिखर वार्ता' के लिए दो वर्ष तक ‘शब्द शिखर’ स्तम्भ के लिए वर्ग पहेलियों का निमार्ण।
  • राजस्थान प्रौढ़ शिक्षण समिति, जयपुर की मासिक पत्रिका 'अनौपचारिका' के लिए शिक्षा परिक्रमा स्तम्भ के लिए लेखन।
  • दैनिक भास्कर, नवभारत, नई दुनिया, दैनिक नई दुनिया, हिन्दुस्तान, नवीन दुनिया आदि अखबारों तथा कथायात्रा(संपादक-कमलेश्वर),साक्षात्कार(संपादक-सोमदत्त),कहानियां (संपादक-सत्येन कुमार), कंचनप्रभा, मुक्ता आदि में तीन कहानियां , पच्चीस से अधिक लघुकथाएं , पचास से अधिक कविताएं, लगभग चालीस व्यंग्यलेख आदि का प्रकाशन।

प्रकाशन :
  • नन्हा : एक कहानी पुस्तक। यूनीसेफ,लखनऊ तथा नालंदा,लखनऊ द्वारा प्रकाशित। (2003)
  • कौन कहां से आए जी : एक कविता पोस्टर। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2007)
  • खट्टा-मीठा : एक फिलिप बुक। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2008)
  • हमारे हाथ : एक कविता पोस्टर। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2008)
  • एक दिन जंगल में : पर्यावरण आधारित एक कहानी। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2008)
  • फल : एक कविता पोस्टर। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2009)
  • प्रज्ञा,सांपला द्वारा प्रकाशित लघुकथा संग्रह 'स्वरों का विद्रोह' में अनुमागी लघुकथा सम्मिलित। (1982)
  • 'कथाबिंब' मुम्बई द्वारा प्रकाशित कविता संग्रह में कविता संकलित। (1987)
  • 'आलू मिर्ची चाय जी' तथा' खिड़की वाला पेट' कविता एनसीईआरटी की पांचवीं कक्षा की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तक में सम्मिलित। (2008)
  • 'आलू मिर्ची चाय जी'  कविता एससीईआरटी,उत्‍तराखंड की पांचवीं कक्षा की पर्यावरण अध्ययन पाठ्यपुस्तक में सम्मिलित। (2009)
  •  कौआ : एक कविता पोस्टर। रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2011)
  • 'वर्ल्‍ड कप' कविता पोस्‍टर।  रूम टू रीड,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित। (2011)
  • 'वह, जो शेष है' कविता संग्रह ,ज्‍योतिपर्व प्रकाशन,दिल्‍ली से प्रकाशित । विश्‍वपुस्‍तक मेला 2012 में विमोचित।   
सेमीनार, सम्मेलन आदि में :
  • 1979 : होशंगाबाद,मप्र में आयोजित प्रथम अखिल भारतीय लघुकथाकार सम्मेलन के आयोजन में महत्वपूर्ण लेखकीय भागीदारी।
  • 1980 : होशंगाबाद,मप्र में आयोजित द्वितीय अखिल भारतीय लघुकथाकार सम्मेलन के आयोजन में महत्वपूर्ण लेखकीय भागीदारी।
  • 1980 : मप्र हिंदी साहित्य सम्मेलन तथा मप्र साहित्य परिषद द्वारा अमरकंटक,मप्र में आयोजित 'कहानी रचना शिविर' में होशंगाबाद जिले का प्रतिनिधित्व।
  • 1982 : प्रगतिशील लेखक संघ की होशंगाबाद इकाई का संस्थापक सचिव (1982-1984)
  • 1987 : श्री मस्तराम कपूर की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय किशोर साहित्य सम्मेलन में भागीदारी।
  • 1991 : पुणे में मराठी बाल कुमार साहित्य सम्मेलन द्वारा आयोजित सम्मेलन में भागीदारी।
  • 1993 : बीजापुर,कर्नाटक में आयोजित अखिल भारतीय बाल साहित्य सम्मेलन में भागीदारी।
  • 1994 : नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा नागपुर में आयोजित राष्ट्रीय पुस्तक मेले में 'क्या बच्चे बच्चों का लिखा पढ़ना पसंद करते हैं।' विषय पर आलेख वाचन।
  • 1994 : राष्ट्रीय विज्ञान एवं तकनॉलॉजी परिषद,नई दिल्ली तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा नई दिल्ली में आयोजित दूरदर्शन आलेख लेखन कार्यशाला में भागीदारी।
  • 2011: अक्‍टूबर में भोपाल में चकमक पत्रिका के 300 वें अंक के विमोचन कार्यक्रम में गुलज़ार जी के साथ भाग लिया।
सम्मान :
  •  'प्रज्ञा',सांपला, रोहतक,हरियाणा द्वारा आयोजित अखिल भारतीय लघुकथा प्रतियोगिता-1980 में 'अनुगामी' लघुकथा सम्मानित।
  • भारतीय बाल कल्याण संस्थान,कानपुर ने जयपुर में राजस्थान पत्रिका एवं भारतीय बाल कल्याण संस्थान,कानपुर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में 1994 में बालसाहित्य सेवा के लिए सम्मानित किया।
प्रशासनिक अनुभव :
  • भारत शासन के मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा संचालित नेहरू युवा केंद्र, होशंगाबाद, मप्र में सितम्बर, 1979 से जून 1982 तक वालिंटियर तथा लेखापाल के पद पर कार्यरत।
  • एकलव्य ,भोपाल में केंद्र प्रभारी ( सेंटर-इन-चार्ज) 1991 से 2006 तक। भोपाल एकलव्य केंद्र पर इस दौरान 15 से 30 व्यक्ति कार्यरत रहे हैं । (भोपाल केंद्र प्रभारी एकलव्य संस्था के फंड के ड्रांइग एंड डिस्परसमेंट के लिए जिम्मेदार होता है।)
  • 2003 से 2006 तक एकलव्य के मुख्य लेखाधिकारी की भूमिका भी निभाई।
  • 1997 से 2006 तक एकलव्य की अकादमिक परिषद का सचिव। (अकादमिक परिषद एकलव्य की निर्णायक समिति।)

सम्पर्क :
राजेश उत्साही,
मोबाइल 09731788446
email: utsahi@gmail.com
http://utsahi.blogspot.com गुल्लक
http://apnigullak.blogspot.com यायावरी
http://gullakapni.blogspot.com गुलमोहर

फिलहाल:
2009 से अजीम प्रेमजी फाउंडेश्न, बंगलौर में टीचर्सऑफ इंडिया (पोर्टल) में हिन्‍दी संपादक,

www.teachersofindia.org  । साथ ही फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित लर्निंगकर्व के हिन्‍दी संस्‍करण का संपादन और अज़ीमप्रेमजी विश्‍वविद्यालय तथा विद्याभवन सोसायटी,उदयपुर द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'खोजें और जानें' का संपादन।